बादलों सा सुंदर न कोई , देख जिसे मयूर नाचे ,
देख आसमान में परिवर्तन , खुशियों से सब जन झूमें ,
धरती के गमों की बदली में इन्द्रधनुष सा सुख फले ,
प्रदूषित होती सृष्ठी पर वृक्षों से जँगल हों हरे भरें 
अंधियारों के साए में जीवन फूलों का हर उपवन महके 
धरती की प्यासी आत्मा को मेघो का हरदम स्नेह मिले ,
संसार से रंग भेद घटे और केवल मानवता की फसल बढे ,
रंगों में काला रंग जहाँ दुनियावी दुखों का दर्पण बने ,
इन्द्रधनुषी रंगों में देखो समझो खुशियों के कितने रत्न छुपे !

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