हम  बच्चे  हैं तुम्हारे इस गुलिस्थान  के 
मत  छीनो  हमसे  बचपन  अपनी  स्वार्थ  में
कोमल हाथो  में न दागो  अपनी  निर्मम  छड़ी  को 
हमको  भी  पढने खेलने  का  अधिकार दो !

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