घर 
हां हां ही ही हू हू की गूंजे  घर में खिलखिलाहट ,
भाई के हाथो में सजी रहे बहनों  का आशीर्वाद !
भाई  घर की अडिग  नीव तो बहन होती मुस्कराहट ,
घर वो संपन्न जिसमें खिलते यह दोनों फूल  बन सुगंध !!

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