स्वार्थ*****कभी-कभी संबंधों की पहचान, मात्र अपनापन से नहीं, आवश्यकता से भी होती है,स्वार्थ समाप्त होते ही जब,व्यवहार बदल जाए तो समझिए,रिश्ता नहीं—ज़रूरत जुड़ी थी।✨✨✨✨✨✨✨शब्द मेरे, अनुभव मेरे, भाव मेरे। ©सुनीता शर्मा ' नन्ही ' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 23, 2026 Read more